गुरुवार, 30 जुलाई 2020
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शहीद का प्यार
वो फूलों वाले दिन थे जब साथ मेरा तुम छोड़ गये वो मिलने वाले दिन थे तब साथ मेरा तुम छोड़ गये हे प्रिये, क्षमा, तुमसे मैं इजहा...
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वो फूलों वाले दिन थे जब साथ मेरा तुम छोड़ गये वो मिलने वाले दिन थे तब साथ मेरा तुम छोड़ गये हे प्रिये, क्षमा, तुमसे मैं इजहा...
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ऐ दोस्त मेरे अब तु भी आ चल पकड़ हाथ, अब साथ साथ स्कूल की सीढ़ी चढ़ते हैं तु तिपहिए पर मै दो पैरों से चल इक दौड़ लगाते हैं चल टिफीन...
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चुनावी सभाएं हिन्दू मुस्लिम में बांटती चुनावी सभाएं मैं अगड़ा मैं पिछड़ा बताती चुनावी सभाएं जाति व्यवस्था प्रगाढ़ करती चुनावी सभा...

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